My New Poem....!!!!
काबिल लोग,🌹🌲
ना तो किसी से दबते है,
और ना ही किसी को दबाते हैं
हर नेहले पे देहले वाला
जवाब देना उन्हें भी खूब,
आता है......पर 🌹🌲
कीचड़ में पत्थर कौन मारे,
यह सोचकर चुप रह जाते है
दामनों को अपने बचा लेते है 🌹🌲
वक़्त की दहलीज़ से अच्छाइयों के
गुच्छे अपने नाम कर बूराईओ से
किनारा कर वक़्त गुज़ार लेते🌹🌲
हर दौर में प्रभु भी इम्तिहान एसे
ही बंदों का ले-कर इन्हें पारस
पर घस सोना बना देते🌹🌲
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