सुदंर रचना ..
विषय .आज का रावण ...
आज का रावण ,असभ्यता का नमूना है ।
आज का रावण ,भारतीय संस्कृति पर धब्बा है ।।
आज का रावण ,हैवानियत का पुतला है ।
आज का रावण ,दिलों में नफरत लिए है ।।
आज का रावण ,निर्दयी व दया रहित है ।
आज का रावण ,लज्जा लुट लेता है ।।
आज का रावण ,एसिड डाल कर जला देता है ।
आज का रावण ,स्त्री पर कहर ढाता है ।।
आज का रावण ,सुप्रीम कोर्ट को भी चकमा देता है ।
आज के रावण ,के कयी हिमायती करने वाले है ।।
आज का रावण ,मानवता पर कंलक ही है ।
आज के रावण ,को जिंदा रहने का हक नही है ।।
पहले के रावण ,ने सीता का हरण जरुर किया है ।
पहले के रावण ,ने सीता को छुंआ तक नही है ।।
आज का रावण ,मानव के रुप में भेडीया है ।
आज का रावण ,समाज का कलंक ही है ।।
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