उड़ान
मंजिल मिल जाएगी इक दिन
राही तू सपनों की उड़ान भर
आत्मविश्वास मत रख कमजोर
सफलता तेरे पास ख़ुद चलकर
आएगी बस तू रख विश्वास ख़ुद पर
तू जीत जाएगा इक दिन
मुश्किलों से परेशानियों से।।
भले तुमने जन्म लिया है छोटे गाँव में
भले तू जूझ रहा है गरीबी और बेबसी
राही तू मत भूल भले ही
तेरा गाँव छोटा है, तू झेल रहा है परेशानी
इक दिन तेरा भी समय आएगा
तू मंजिल पाएगा
तू ले शपथ आज कि
करुँगा कड़ी मेहनत
करुंगा एक दिन कुछ ऐसा कि
मिट जाएगी गरीबी मिट जाएगा
नामोनिशान दुख, दर्द पीड़ाओं का।।
✍️✍️कुमार संदीप
बिहार-मुजफ्फरपुर