मनहूस
"कितनी बार मना किया है।कोई शुभ काम को जाए,तो सामने मत पडा कर लेकिन-मनहूस---
रामहेत का आज इन्टरव्यू था।वह घर से बाहर निकलने ही वाला था कि सीमा सामने आ गई।उसको देखते ही सरला गुस्से मे उलटा सीधा बोलने लगी।
"मॉ भाभी पर कयो नाराज हो रही हो?"
"बेटा शुभ काम पर जाते समय विधवा औरत का मुहनही देखते।"
"मॉ--लेकिन--तू--भी-तो--
बेटे ने मुह से नहीं कहा लेकिन उसका इशारा सरला समझ गई थी