संबंध कैसे बन जाते हैं और कब बनते हैं? किस वक्त ये निश्चित हो जाता है कि दो लोगों के बीच एक संबंध बन गया? और क्या हमने हर संबंध को खोज लिया है!? हर संबंध उन पहले से निश्चित संबंधों के दायरे में शामिल हो पाता है क्या?
हर एक संबंध अपने साथ जिम्मेदारी का एक बोझ लाता है, जिसे ढोना संबंध के नाम पर निर्भर होता है। नाम बदलने से सम्बन्ध का वजन कम या ज्यादा हो जाता है। पार कर चुके रास्ते में जो संबंध उतार कर रख दिए, उनमें से कुछ कदमों की छाप छोड़कर वहां से जा चुके हैं, इस तसल्ली के साथ आगे बढ़ना एक सुकून है। जो "संबंध अभी भी हमारी प्रतीक्षा में हैं" की धूप में ये तसल्ली बहुत काम आती है।