खामोशियां खामोश रहकर बहुत कुछ छूपाते हैं हम खामोशियां उनकी तरह होती है,
जो बहुत दूर तक शोर मचाती हैं
खामोशियां कभी-कभी चुभती भी है
जब आप किसी से नाराज हो तो बोल दिया करो
अक्सर खामोशियां आपको आपसे मिला देती है
जितनी खामोशी गहरी उतनी ही अंदर से चीखें है बड़ी
खामोशियां एक एहसास हे ,
जो हर किसी को कहा महसूस होती है
बिंदु अनुराग