कोई अपना था जिसको ढूंढने निकले थे हम,
हमे क्या पता था कि वो गिरगिट की तरह रंग बदलता होगा ,
जब साथ हो तो हमारा ,और जब दुसरो के साथ दिखा तब उसके रंग में रंगा हुआ,
हा मिले थे जब तो सामने ही था लेकिन हरकते गिरगिट वाली थी उनकी ,
कब रंग बदलते पराया हो गया पता ही नही चलने दिया ।😏
_हेतु✍