बन ठन के मुटियारां आइयाँ,
आयीं पटोला बनके
हत्थां में फुले और रेवाड़ी लेकर ,
आओ रल मिलके, लोहड़ी का त्यौहार मनाइए
बिछड़े मीता नू फेर मिलाइए
प्रीत के गीत फेर गाइए ।
कुड़ियाँ दी लोरी मनाइए ,
फेर गिद्दा पाइए ।
आओ कनक की खेती विच ,
अपने टूटे हुए रिश्ते को जोड़िए
पिछली भूल चूक भूल फेर भांगरा डालिए ।