कमबख्त इश्क ने तो ,
इस कदर निकम्मा बना दिया
कभी रोती नहीं थी जो,
उसे तुने इतना रुला दिया
कमबख्त इश्क ने तो ,
इस कदर निकम्मा बना दिया
हां माना किया था प्यार,
तुझे बेतहाशा मैंने
पर तूने तो इस कदर ठुकरा दिया
कमबख्त इश्क ने तो ,
इस कदर निकम्मा बना दिया
दिल में दर्द छिपा लिया,
चेहरे से हस कर दिखा दिया
कमबख्त इश्क ने तो ,
इस कदर निकम्मा बना दिया