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"जिद"
हाँ जिद कर ली है हमने....
कुछ ना कुछ तो जरूर ऐसा....
कारनामा कर के ही जायेंगे...
इस दुनियाँ में आये हैं तो.....
निशां अपने छोड़ जायेंगे....!!!
मरना तो तय है
मगर ...
मौत के पहले ....
हिंदुस्तान में ....
अपनी लेखनी को पहचान ...
देकर जायेंगे....!!!
हाँ जिद कर ली है हमने...
कुछ ना कुछ तो जरूर ऐसा....
कारनामा कर के ही जायेंगे !!!
लेखिका प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान©
सागर मध्यप्रदेश ( 06 जनवरी 2020 )
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