*माना दुनियाँ बुरी है*
*सब जगह धोखा है,*
*लेकिन हम तो अच्छे बने*
*हमें किसने रोका है..*
*रिश्तो की सिलाई अगर*
*भावनाओ से हुई है*
*तो टूटना मुश्किल है..*
*और अगर स्वार्थ से हुई है,*
*तो टिकना मुश्किल है..
शुभ प्रभात जय श्री राधा माधव आपका दीन मंगलमय रहे। नये साल की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏🙏