My New Poem ...!!!
तुम बरखा तो मैं बादल हूँ।
बस तेरे लिए ही पागल हूँ।।
तुम अग्नि तो मैं शोला हूँ।
तुम शातिर हो, मैं भोला हूँ।।
तुम एहसास हो मैं अश्क़ हूँ।
तेरी अदा पे करता रश्क़ हूँ।।
तुम ख़्वाब हो तो मैं रात हूँ।
तुम जज़्बा हो मैं बात हूँ।।
तुम बीजली हो में बारिश हूँ।
तुम आतिश हो में आग हूँ।।
तुम नदीयाँ हो में सागर हूँ।
तुम ज़हन हो में ख़याल हूँ।।