करना फ़कीरी क्या दिलगीरी,
सदा मगन मन रहना जी ।।
कोई दिन गाड़ी,
कोई दिन बंगला,
कोई दिन जंगल बसना जी ।।
करना फ़कीरी…
कोई दिन हाथी,
कोई दिन घोड़ा,
कोई दिन पैदल चलना जी ।।
कोई दिन ख़ाजा,
कोई दिन लाडू,
कोई दिन फाकम फाका जी ।।
करना फ़कीरी…..
कोई दिन रेशम,
कोई दिन मखमल,
कोई दिन पाथर सोना जी ।।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर,
आये पड़े तो सहना जी ।।
करना फ़कीरी क्या….