देख कुछ हो सकता है तो कर ले..
बाते हो सकती है तो कर ले ...
अब नहीं कहूँगा तुझे कुछ भी...
मेरे बात पर ऐतबार कर सकती है तो कर ले ...
नहीं मागूँगा तुझ से कुछ भी ..ना तेरा वक़्त न तुझे ...
एक बार मुझे देख फिर से मुस्कुरा सकती है तो हँस दे ..
तेरा जुदा होना मुझसे ..हाँ ..नसीब में तू नहीं मान लिया है ..
मेरे वजूद को तुझ में थोड़ा रख सकती है तो रख ले ...
मैं तुझसे हर रिश्ते में हारा हूँ.....
नफ़रत को छोड़ मुझसे कोई और रिश्ता रख सकती है तो रख ले......
-Akashsingh