My New Poem..!!!!
*जिन्दगी को इतना सीरियस
लेनेकी जरूरत नहीं यारों..... 🌷
*यह जहाँ मँझधार है यहाँसे
जिन्दा बचकर कोई नहीं गया...
*जेब में जिनके सिर्फ सिक्के थे
वो मजे से भीगते रहे बारिश में,.... 🌷
*हाँ मगर जेब में जिनकी नोट थे
वो छत तलाशते रह गए.... 🌷
*मँदिर मसजिद गुरुद्वारा चचँ
हमारे बने ये सब यही रह जाना है.. 🌷
*पर प्रभुजी के बनाएँ हर जीव को
ईमतेहाँ यहाँ दे कर लौट जाना है... 🌷
*सौ रब के बंदे कर ले कुछ एसे कमँ
यहाँ ताकि स्वर्ग मिले सदा ही वहाँ।🌷
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