My New Poem ...!!!
उम्र का मोड़,
कोई भी हो...
बस धड़कनो में,
"नशा" जिंदगी जीने
का होना चाहिए..
बदलते तैवर-औ-जौहर
तो उम्र के साथ साथ ही..!!
मगर जज़्ब-औ-जुसतजू
ही एक जुनूँ-ए-जीदगीं है..!!
जौ देता हौंसला हर उम्र के
टेडे मेड़ें व सीधे हर मौड पर..!!
सौ यारो हारो ना हिम्मत कभी
भी उम्र के किसी भी मौड पर..!!
वो उपर बैठा गौविंद कान्हा भी
देखत है हर पल हर लमहा हमें.!!
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