कलम मेरी,
कागज मेरा,
शब्द मेरे,
जज्बात भी मेरे,
बस जो लिख रहे है,
वो खयाल है तेरे ।
बाते मेरी,
मुलाकाते मेरी,
यादे मेरी,
इरादे भी मेरे,
बस जो सोच रहे है,
वो खयाल है तेरे ।
जिस्म मेरा,
सांसे मेरी,
दिल मेरा,
धड़कने भी मेरी
बस जो धड़क रहा है,
वो ख्याल है तेरे ।
चांद मेरा,
चांदनी मेरी,
आसमान मेरा,
सितारे भी मेरे,
बस जो चमक रहे है,
वो खयाल है तेरे।
बाग मेरा,
बागबान मेरा,
फुल मेरे,
चमन भी मेरा,
बस जो महेक रहे है,
वो खयाल है तेरे।
#केप्टन @श्याम