कौसी बातें
सही या गलत?
बस इसी तुलना में हम
हमेंशा बातों का मूल्यांकन
करते रहते हैं और ये भूल जाते
हैं कि सही और गलत से भी आगे
बातों का विशेष अर्थ हो सकता है जैसे
कोई बात खुद को समझदार दर्शाने के लिए
तो कोई बात आपको थोड़ा अच्छा लगाने के लिए
करने वाले ने उसपर बड़ी सोच नहीं लगाई हो
बस सिर्फ उसमें क्षणिक आनंद का उद्देश्य
छिपा बैठा हो या फिर उसे इस लिए
कहा गया हो ताकि ये न लगे कि
सुनने वाले के पास कोई दिल
या संवेदना का अहसाह
उत्पन्न हुआ नहीं है
तो बस थोड़ा सा
खुलापन रखें
बातें करें।