जो अल्फाज रूह को छूते ...
उन अल्फाजों से की है मोहब्बतें !
जो महकते रहे तेरे इश्क से...
उन ज़जबातों से की हैं मोहब्बतें !
तू जो पास नहीं हो मेरे ...
तेरी खयालों से की है मोहब्बतें !
जब भी तुमने मुझे याद किया...
उन प्यारे लम्हो से की हैं मोहब्बतें !
तू ख्वाब हैं य़ा धडकती साँस...
धडके जो जोरों से उनसे की मोहब्बतें...!!!