में एक कोरे कागज सी हु
तुम शाही बनकर आना
ज़िदगी के सफ़र मे
हसीन पल लिखते जाना
मंज़िल की तलाश है मुझे ओर सफ़र थोड़ा लम्बा है
तुम जरासा ही बस जरासा ही साथ देते जाना
तुम अकेले हो या किसीके साथ
इस बात की मुझे परवाह नही
में सिर्फ अकेली हु जनाब, कोई तन्हा नही
नही चाहिए मुझे जिंदगी भर के कसमे वादे
मेरे ग़म मे ना सही पर ख़ुशी मे जरासा बस जरासा मुस्कुराना...