पूछती हूं
आज तो पूछ ही लेती हूं तुझसे के तुने क्यू बनाया प्यार
और वोह भी ऐसा, जिसका कर न सके लोग इज़हार
हो तो जाता है पल भर में यह, पर जवाबमे मिलता नहीं इकरार
ऐ मालिक मेरे, इस प्यार ने कर दिया है लोगो का जीना दुश्वार
जीवन भर तड़पते है, घूमते हैं बेचारे बन के बेकरार
बिना खड़ग, बिना गोली, यह करता है सीधा दिल पे वार
बर्बाद हो जाता है इंसान, हो जाता है अपने ही शरीरसे तड़ीपार
प्यारमें, बन के औरोका, खुदसे हो जाता है पराया; भूल जाता है संसार
जवाब देना ही होगा तुझे; तुने क्यू बनाया यह एहसास, जिसे लोग कहते है प्यार ???
Armin Dutia Motashaw