???? जीवन रूपी इस यात्रा में आपके साथ कब,
कौन जुड़ेगा,कौन आपके साथ कितने कदम चलेगा ,कौन आपके पीछे चलेगा और कब तक चलेगा ,आप किसके पीछे चलेंगें और कब तक चलेंगें ,ये सब नियति तय करती है ,हम नहीं
अतः नियति की इस गति को स्वीकारिये और आनंद लीजिये अपने हमकदम का????