Hindi Quote in Blog by Deepak Bundela Arymoulik

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होंठों मे ऐसी बात
होंठों मे ऐसी बात मैं दबाके चली आई
खुल जाए वोही बात तो दुहाई है दुहाई


एसडी बर्मन फिल्म इंडस्ट्री के एक्सपेरिमेंटल म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में शुमार थे. उन्होंने अपने हुनर से लोगों के दिल में खास जगह बनाई थी. आज भी लोग उनके गीत-संगीत के दीवाने हैं. एसडी बर्मन ऐसे म्यूजिक डायरेक्टर थे जो फिल्म में सिचुएशन के हिसाब से म्यूजिक तैयार करते थे और फिर गीतकार को कहते कि अब इस म्यूजिक के हिसाब से गाना लिखो. उन्होंने पूरा जीवन म्यूजिक को समर्पित कर दिया. काम करने के दौरान ही वो कोमा में चल गए थे. आज उनकी डेथ एनिवर्सरी है. आइए इस खास मौके पर उनके बारे में जानते हैं.

एसडी बर्मन का पूरा नाम सचिन देव बर्मन है. उनका जन्म 1 अक्टूबर 1906 में त्रिपुरा के शाही परिवार में हुआ. उनके पिता जाने-माने सितारवादक और ध्रुपद गायक थे. बचपन के दिनों से ही सचिन देव बर्मन की रुचि म्यूजिक की ओर थी. वे पिता से शास्त्रीय संगीत की सीखा करते थे. इसके साथ ही उन्होंने उस्ताद बादल खान और भीष्मदेव चट्टोपाध्याय से भी शास्त्रीय संगीत की तालीम ली.

साल 1947 में सचिनदेव ने फिल्म दो भाई के लिए म्यूजिक दिया. फिल्म का गाना मेरा सुंदर सपना बीत गया बहुत फेमस हुआ. इसे सिंगर गीता दत्त ने गाया था. यहां से उनके करियर ने उड़ान भरी और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. सचिनदेव ने 3 दशक के सिने करियर में लगभग 90 फिल्मों के लिए संगीत दिया. उन्होंने सबसे ज्यादा फिल्में गीतकार साहिर लुधियानवी के साथ ही की हैं.

कोमा में चले गए थे सचिनदेव?

फिल्म मिली की रिकीर्डिंग के दौरान सचिनदेव को स्ट्रोक हो गया था. वो लगभग 6 महीने तक कोमा में रहे. उसी दौरान क्लब ईस्ट बंगाल ने आईएफ शील्ड फाइनल में मोहन बगान को 5-0 से हरा दिया. इस बात की जानकारी बेटे राहुल देव बर्मन ने उनके कान में चिल्लाकर दी, तो उन्होंने अपनी आंखें खोल दीं. इसके बाद उन्होंने कभी आंखे नहीं खोली और 31 अक्टूबर को वो इस दुनिया को छोड़कर चले गए.
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