अश्क भी बहाना ,बादल भी बहाना ,
बहाना इश्क का इल्म ,दिलरुबाना
आब ही ईबादत, मौसम है बारिशाना
बहाना बरसती ,आँखे दिलरुबाना
तपन सही है ,तन्हाई में बहुत रुहाना
नूर ए नजर ,फकत तुम दिलरुबाना
मिलकर बीछडे ,सावन कइ जिंदगी
सनम रुहानी खेल, बहुत है बीरहाना
टुटती साँस की डोर में जुडी महोबत
बरस जा सनम , दिल से दिलरुबाना
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