अब कहाँ जाएँ कि जिधर देखो,
हर तरफ शोर है इधर देखो ,
देखना हो अगर ज़माने को,
देखने वालों की नज़र देखो॥
इस तरह मुहँ न फेर कर बैठो,
तुम को मेरी कसम इधर देखो,
सामने देखना मुहाल है अब,
हो सके तो इधर उधर देखो॥
देखकर भी करो न अनदेखा,
दिल दुखाते हो जानकर देखो,
इश्क में ये भी शर्त है जानां,
उसको देखो जिधर जिधर देखो.........॥