हे चाँद बेटे तू कुछ हिल डुल भी लिया कर
थोड़ा खुद से भी अपना काम किया कर
माना कि तू छोटा और लाडला है
पर तु नख़रे से तो ना जिया कर
अब मेरा नाती विक्रम तेरे घर के द्वार आया है
तूने भी मजे मजे में उसको गिराया है
ये तो शुक्र है तेरे भांजे का एंटीना नही टूटा
वरना तूने तो हुस्न के गुरुर में सोरमण्डली वंश का नाम ही डुबाया है
मत भूल तू आज भी मेरी रौशनी के खर्चे पर ऐश उड़ाता है
और यूँ ही करवा चौथ पे खुदा बन जाता है
तुझमे दाग के बावजूद भी तेरी ही जय जय होती है
फिर भी तू अपनी बड़ी बहन पृथ्वी के बच्चों को रुलाता है
मान जा और थोड़ा अपनी तोंद को हिला
घर आये विक्रम को खड़ा कर और खूब खिला पिला
पृथ्वी बेटी के ससुराल से आया है कोई
कम से कम उस बहन की इज्जत तो मिट्टी में ना मिला
माना के नायाब है तू
ये भी माना के लाज़वाब है तू
माना के मेरा बेटा मेहताब है तू
तो में भी तेरा बाप आफताब हु
अगर कहीं मैंने विक्रम को अपनी किरणों की पेंशन दे दी
और उस grand नाती प्रज्ञान Rover को पूरी अटेंशन दे दी
फिर वो विक्रम तेरी साउथ पोल सी कमर से सीधे तेरी छाती पर आएगा
और तो सारी उम्र तू चंदा मामा नही कंस मामा कहलायेगा