#जिंदगी #इश्क़ #प्यार #उदास #love
क्या करें जो हर ख़ुशी न मेरे - तेरे पास है
क्या करें जो हर लम्हा ये ज़िन्दगी उदास है
छाँव न मिली कभी, धूप ही खिली रही
सोचते थे खुश रहें, बेकली बढ़ी रही
क्या करें जो दर्द से न पल को भी निजात है
क्या करें जो हर लम्हा ये ज़िन्दगी उदास है
था किनारा सामने, डूबने लगे जो हम
हाथ में रहा न कुछ, टूटने लगे थे हम
क्या करें जो दिन में ही यूँ छा गई ये रात है
क्या करें जो हर लम्हा ये ज़िन्दगी उदास है
ग़मज़दा ये दिल रहा, ग़मज़दा ही हम रहे
मुस्कुराएं क्या भला, घेरते सितम रहे
क्या करें हमारा दिल जो इस क़दर नासाज़ है
क्या करें जो हर लम्हा ये ज़िन्दगी उदास है
तुम सवाल पूछते, हम जवाब ढूँढ़ते
थम गए है ये क़दम,हट गए हुजूम से
क्या करें न भीड़ की हमें कोई तलाश है
क्या करें जो हर लम्हा ये ज़िन्दगी उदास है
क्या करें जो हर ख़ुशी न मेरे - तेरे पास है
क्या करें जो हर लम्हा ये ज़िन्दगी उदास है