#काव्योत्सव के लिए
प्रेरणा दायक कविता
? *सफलता* ?
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मेहनत से जो जी न चुराता
सफलता जीवन में वो ही पाता
कठिन परिश्रम, धैर्य और सच्चाई
सफलता का मूल मंत्र है भाई
जिसने इस मर्म को जान लिया
जीवन का सार पा लिया
बूंद-बूंद से सागर बनता
जर्रा जर्रा मिल पर्वत करता
सच्ची मेहनत का फल
सफलता का शिखर बनता
छोटे छोटे कदमों से चलकर
चींटी दम लेती चोटी चढ़कर
गिर-गिर कर कई बार न हारे
दुगने साहस से चढ़कर माने
साहस का फल मीठा होता
चीटी का कर्म हमें सिखाता
दाना दाना धरती पर बोता
किसान खून पसीना बहाता
फिर अंकुर स्फुट हो जाता
नन्हा पौधा उग जाता
तब जाकर अन्न का दाना मिलता
हर भूखे की भूख मिटाता
धैर्य का फल मीठा होता है
किसान यही सिखाता है।
देखो तुम आलस न करना
कर्म में सदा निष्ठा रखना
मेहनत ही जीवन का सार
सफलता का है मूलाधार
*अर्चना* *राय* भेड़ाघाट जबलपुर मध्य प्रदेश