जो लोग किसी भी परिस्थिति में बातचीत के लिए तैयार रहते हैं , अपनी कहें और आप की सुनें उनके मन साफ होते हैं।
जो सिर्फ अपने बच्चों की सुनें और उनसे सबकी बुराई करे । जो अपने परिवार में झुण्ड बनाकर सबकी बुराई करे ।जो अपने बच्चों को दूसरों की बुराई करने से न रोके ओर खुद दुसरो के बच्चों की बुराई करें उनका घर बहुत जल्दी खोखला होता है ।
जो चुपचाप रहते हैं, मन के भेद नहीं खोलते वो अक्सर छल करते हैं ! आपके पीठ पीछे आपकी बातें और आपके सामने दूसरों की बातें करते हैं उनसे सावधान रहना चाहिए। यहां सावधानी हटी दुर्घटना घटी का सिद्धांत हमेशा लागू होता है।
जो सही को सही और गलत को गलत सिर्फ अपने हिसाब से आकलन करें उससे सावधान रहें।
जो देते समय भेदभाव करे और लेते समय छीटाकशी उससे दूरी बनाकर व्यवहार करें।
सामयिक विषयो पर जो आपके साथ नही वो अवसरवादी है ।
???