* तुम्हारा त्याग*
त्याग तुम्हारा देख देश की जागी आज जवानी है !
अमर शहीदों की गाथा की लिखनी अमर कहानी है !!
भगतसिंह सुखदेव राजगुरू झूले फांसी के फंदे पर !
अरे देश को अंग्रेजों की करनी नहीं गुलामी है !!
भ्रष्ट और बेईमानों की भीड भेडियों सी ठाडी है !
अमर शहीदों की कुर्वानी हमने आज भुलादी है !!
बिस्मिल का बलिदान देश की अब भी करता रखवाली है !
जान गई यह सारी दुनिया यह देश बड़ा वलिदानी है !!
वलिदानो से कहीं देश को फिर से जीवनदान मिले !
अरे 'सहोदर' वीर सपूतों की लिखता रोज कहानी है !!
- आनन्द गुर्जर 'सहोदर'
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