कभी कभी खबरों में अजीब सी महक आती है,
जैसे देश स्वतंत्र हो गया है
उसकी अब अपनी राजभाषा है
जैसे चुनावों की घोषणा हो गयी है,
जो सोचा नहीं था वैसा हो गया है
हमारे बीच कुछ व्यक्ति ईमानदार हो गये हैं,
सेना बाढ़ में लोगों की सहायता कर रही है,
सायबेरिया से कुछ पक्षियां झील पर आ चुकी हैं,
हिमालय साफ दिख रहा है,
भारत में नयी खोज हुई थी
अंक यहीं खोजे गये थे,
शून्य और दशमलव का आविष्कार हमारे पूर्वजों ने किया था,
विज्ञान ने लम्बी छलांग लगायी है।
कई खबरें हमें जीवन्त कर जाती हैं
जैसे हम माता-पिता बन गये
हम दादा-दादी हो गये
हमारे घरों तक सड़क बन चुकी है
विद्यालय का उच्चीकरण हो गया
औषधालय खुल चुका है
हवाई यात्रा आरंभ हो गयी है
विकास हो रहा है
प्यार जाने अनजाने पनप रहा है,
प्रजा में अमनचैन है
नयी क्रान्ति के लिए प्रस्ताव पास हुआ है।
*महेश रौतेला