बंधन
कैसा है बंधन समज में नही आता |
कैसी है लगन समज में नहीं आती ||
चाहे कुछ भी कर के जमाना आज|
कैसी कशिश समज में नहीं आती ||
जले तो शमा परवाना साथ जले|
कैसी है दोस्ती समज में नहीं आती ||
अनजाने बंधन में बंध चुके है |
कैसी है प्रीत समज में नहीं आती ||
सखी किस मोड पे अफसाना बना|
कैसी है जवानी समज में नहीं आती ||