नादां
नादां है जो समज न पाए दिल्लगी|
मुफ्लिस थे समज न पाए दिल्लगी||
आंसु ओ का हिसाब करने बैठे|
बेकरार थे समज न पाए दिल्लगी||
करते रहे एतबार बेकार बातो पे|
बेफिकर थे समज न पाए दिल्लगी ||
बेहाल हुआ दिल, धडकने बेकाबु|
बेजान थे समज न पाए दिल्लगी ||
जीना हुआ मुहाल कबर में लटके|
मदहोश थे समज न पाए दिल्लगी ||
सखी कहा पे दिल आकर संभला|
नासमज में समज न पाए दिल्लगी ||