वो चांदनी रात के लम्हे भूल ना पाएगी आंखे ।
मौसम आते जाते रहेगे तुम्हें भूल ना पाएगीआंखे ।।
आप तो चल दिए उजालो को और मुस्कुराते हुए ।
नशीली नजरों का नशा भूल ना पाएगी आंखे ।।
लौट के कोई वापस नहीं आया उस जहा से है पता ।
रूप की रानी की अदाकारी भूल ना पाएगीआंखे ।।