लोग क्यों दो पल किसीसे बात करने के लिए भी अब तरस जाते हैं l
होठ क्यों दो पल किसीसे बात करने के लिए भी अब तरस जाते हैं ll
साथ रहते हैं जो कदमो से कदम मिला के वो ना डगमगाते कभी l
रोज क्यों दो पल किसीसे बात करने के लिए भी अब तरस जाते हैं ll
उम्र बिताए यहां जिसने गुडगर्दी में वो गभारते हैं चीती को भी छूने से l
डॉन क्यों दो पल किसीसे बात करने के लिए भी अब तरस जाते हैं ll
१२-२-२०१९