Ego है जी और क्या ?
सामने से नहीं बुलाते !
हरकत वैसी न हो तो सामने से भी बुलाले |
जीनसे लगाव है, उनसे तो बात ना हो पा रही |
ओरो से क्या बात कर पाए !
नादान समझ माफ तो कीया न जाता |
दुसरो से फिर कैसे माफी मील पाए !
पहले देना होता है बाद मीलता है |
जैसा सीखाया बराबर वैसा ही कीया है |
पर थोडे अपने अंदाज में किया है |
खुद का प्रतिबिंब सामने वाले में दिखेगा |...ॐD