?आदत/सोच न एक दिन में बन जाती न सुधर जाती धीरे-धीरे, प्यार से, समझाकर सोच को आदत को बदला जा सकता है |...ॐD
बच्चो का मन बहोत कोमल होता है वो जीस वातावरणमे रहते है वैसा हो जाते है | कुछ चीजो की आदत बन जाए सोच पक्की बने तो उसे जटसे एक से दुसरे वातावरण में भेज नहीं सकते वरना वो न ठीक से रहेगा न रेहने देगा इसलिए धीरे-धीरे आदत बनानी पडती है | जैसे कि पहली बार स्कुल जाते बच्चे को माता - पिता स्कुलमे छोड कर आते नहीं पर वो बच्चे को बहेला फुसला कर शिक्षक के पास छोड जाते है | इसी तरह लगे गलत दिशा है तो समझा कर, धीरज के साथ, प्यार से वापिस लाया जाता है और कोशिश भी रहनी चाहिए अच्छा वातावरण भी मीले |...ॐD