बोल दे आज तक जो तू बोला नहीं है।।
बोल दे अब वक़्त ज़्यादा बचा नही है।।
बोल दे मेरा जनाज़ा अब उठने को है।।
बोल दे की मुजसे अब कोई शिकवा नहीं है।।
बोल दे वो जूथ था कि तुझे परवाह नही है।।
बोल दे की अब तू मुझसे खफा नही है।।
बोल दे फिर कफ़न की आड़ में चेहरा देख नही पायेगा।।
बोल दे फिर दफ़न हुवे को कभी मिल नही पायेगा।।।
माफ़ी दे दे मुज़े तू अब बस इतना कर दे करम।।
लेजा तू साथ अपने ,जो दिए थे तूने गम ।।।
मत रख तू हमारे उन लम्हो की खुशबु को पास मेरे।।
यादे भी ले जाव साथ उतनी कब्र में जगाह नहीं है।।
बोल दे आज तक जो तू बोला नही है।।
बोल दे फिर पर्दा कभी उठना नही है।।
◆ANV◆