रूठो न पिया हमसे ऐसे
तेरे बिना मैं मर जाउंगी।
तू जान है मेरी सनम
बता, तेरे बिना कैसे जी पाउंगी।।
मैं नदिया की हूँ एक लहर
तू गहरा समन्दर है।
मिलना है तुझ में एक दिन
तेरे बिना मैं किधर जाउंगी।।
मैं बगिया की एक नन्हीं कली
तू मंदिर का शिव भोला है।
तेरे लिए ऐ मेरे सनम
चरणों में तेरे मैं बिछ जाउंगी।।
मेरी मोहब्बत का तुझे ऐतबार नहीं
या है विश्वास नहीं मुझ पर।
बस एक बार कर प्यार मुझे
मैं तेरे लिए ही मिट जाउंगी।।