#एक_दोस्त_जो_कभी_दुश्मन_था ।
एक दोस्त जो कभी दुसमन था,
जो मेरी हर बात पर कड़वाहट घोलता था,
आज वोह मुजशे बात किये बिना रहता नही।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था,
जो मुझे देख कर नजरे फेर लेता था।
आज देखे बीना मुजको उसे चैन नही आता।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
करता हर बात पे मुजशे आना कानि।
आज मेरी हर मुश्किल का हल निकाल देता हे।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
जहा भी जाऊ पीछे आकर बेर लेता था।
आज मेरी हर लड़ाई पर वोह खुद आगे रहता हे।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
जो मेरे दिलकी धड़कन को हर वक्त सताया करता था,
वोह रूठ जाये मुजशे तो हरबार मनाया करता हे।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
मेरी खुन्नस का बदला मेरे भाइयो से लिया करता था,
आज उन्ही के खातिर अपनी जान न्योछावर करता हे।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
रहता हरदम मुजशे जितने की चाह में,
आज खुद मेरे लिए हार जाया करता हे।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
जिशे देख कर ही गुस्सा मुझे आता था।
वोह आज मुझे जान से मेरी प्यारा हे।
एक दोस्त जो कभी दुश्मन था।
(दोस्ती का मतलब साथ घुम्मना फिरना मोज मस्ती करना ही नही कहलाता साथ जीना पड़ता हे सौ से अच्छा एक दोस्त होता हे)
( अगर आँखों में जुनुज और दिल में प्यार हो तो दुश्मन भी दोस्त बन जाते हे)
Dp,"प्रतिक"