ए हवा मेरा पैगाम उन तक पहुंचा, कोई खबर ना आई है उनकी, हाल मेरा बेहाल है, जरा उन्हें बता, आंखों में नमी है और दिल देता दुहाई है, मुस्कुरा कर कैसा ये आलम मेरी सांसे बनाये बैठी हैं, होठ चुप से हैं, और नज़र झुकाये बैठे हैं, कोई जो हो सिसकियां सुनकर मुझे तसल्ली ही देदे वो, क्या कहूँ कि कैसी हूँ।दर्द से कराहते, ना उम्मीद, ना हौंसला, कैसे कहूँ कि कैसी हूँ। miss u ...