"आज की सच्चाइ"
एक चाचा अपने हाथ मे मोबाइल लिए नाराज से बैठे थे। किसी ने आकर पूछा: चाचा आप उदास क्यो बैठे हो? फोन खराब हो गया क्या?
चाचा ने कहा: हा देखो तो इसको क्या हुआ है?
उस बंदे ने देखा तो मोबाइल बिलकुल ठीक चल रहा था...
उसने कहा: चाचा मोबाइल तो एकदम सही चल रहा है । चाचा अपनी नम आंखों से बोले:- तो फिर इसमे मेरे बेटे का फोन क्यु नहि आता?
इस सवाल का वो बंदा कुछ जवाब ना दे सका...
कहानी यहा खत्म हुइ।
अब बात कुछ समजने की..
अपने बूढे मा-बाप को कभी नजरअंदाज मत किजीए.. जीनकी वजह से आप कीसी मुकाम पे पहोचे हो वो भी आपसे अपने बूढापे मे उनका सहारा बनने की चाहत रखे तो इसमे कोइ गलत बात नहि है।।।
हो सके तो सीर्फ एकबार अपने मा-बाप को नोकरी -धंधा करके घर जाते ही एक सवाल करना...
"आपका आज का दिन कैसा रहा पापा/मम्मी?"
उनको बहोत ही अच्छा फील होगा।।।
हो सके तो एकबार कोशिश जरुर करना। आपको बी अच्छी नींद आएगी और आपकी पुरे दिन की थकान बी दुर हो जाएगी।।
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