#हिन्दीशायरी
हजार जख्म लाखों दर्द सीने में दफन कितनी यादें कितने वादे, कुछ दगाबाज कुछ दबे राज अब तो डरने लगी हूं मैं, जब कोई कहता है विश्वास करो मेरा.... कहीं सन्नाटा, कहीं शोर,गहरे उफन ते समंदर, एक तूफान सा है अंदर, सब विश्वास की दी हुई सौगातें ही तो है, कब तक छुपाए रखूंगी अब तो डरने लगी हूं मैं जब कोई कहता है विश्वास करो मेरा....❤️❤️
विनीता ✍️.....