समंदर सारे शराब होते तो
सोचो कितने फसाद होते,
हकीकत हो जाते ख्वाब सारे तो
सोचो कितने फायदे होते.......
किसी के दिल में क्या छुपा है
बस ये खुदा ही जानता है,
दिल अगर बेनकाब होते तो
सोचो कितने फायदे होते.......
थी खामोशी फितरत हमारी
तभी तो बरसों निभा गई,
अगर हमारे मुह में भी जवाब होते
तो सोचो कितने फायदे होते.......
हम अच्छे थे पर लोगों की
नजर में सदा रहे बुरे,
कही हम सच में खराब होते तो
सोचो कितने फसाद होते.....!!