#1 खनिज मुनाफा बँटवारा
(खनिज मुनाफा सीधे नागरिको के खातों में भेजने का प्रस्ताव )
यह कानून खनिजो की लूट रोकने के लिए लिखा गया है। इस प्रस्तावित क़ानून को देश में लागू करने के लिए संसद से पास करने की जरूरत नही है। प्रधानमंत्री इसे सीधे गेजेट में छाप सकते है। इस प्रस्तावित क़ानून में कुल 22 धाराएं है। निचे इस प्रस्तावित क़ानून के मुख्य बिंदु दिए गए है। हेश कोड़: #KhamBa #खम्बा
(1)
इस क़ानून के गेजेट में छपने के बाद देश के समस्त खनिज एवं सरकारी भूमि से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी /मुनाफा एवं किराया 135 करोड़ भारतीयों का संयुक्त खाता नामक बैंक खाते में जमा होगा। इकट्ठा हुयी इस राशि का 65% हिस्सा सभी भारतीयों में बराबर बॅटेगा और 35% सेना को मजबूत बनाने में खर्च होगा।
इस समय खनिज रॉयल्टी का पैसा सरकार के पास जाता है, और सरकार इसे अपने विवेक से खर्च करती है। खनिज, भूमि एवं प्राकृतिक संसाधन देश के नागरिको की संपत्ति है, न कि सरकार की। सरकार की आय टेक्स है और सरकार को अपना खर्चा सिर्फ टेक्स से निकालना चाहिए। अतः देश के खनिजों की बिक्री से आने बाल पैसा हर महीने सभी नागरिको में बराबर बांटा जाना चाहिए।
(2)
खनिजो की नीलामी करके पैसा इकठ्ठा करने वाला राष्ट्रिय खनिज रॉयल्टी अधिकारी बोट वापसी पासबुक के दायरे में होगा। यदि खनिज अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहा है तो नागरिक बोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे बदलने के लिए स्वीकृति दे सकेंगे।
मौजूदा व्यवस्था में खनिज अधिकारी की नियुक्ति एवं निष्कासन सरकार के हाथ में होने के कारण खनन माफिया सत्ताधारी नेताओं एवं अधिकारीयों के साथ गठजोड़ बनाकर खनिजों को बड़े पैमाने पर लूट रहे है। दरअसल खोदे जा रहे खनिज का लगभग 20% हिस्सा ही रिकॉर्ड पर आता है, एवं शेष 80% उपरोक्त गठजोड़ द्वारा अवैध खनन के रूप में लूट लिया जाता है। इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए खनिज अधिकारी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में किया गया है।
(3)
यदि खनिज अधिकारी या उसके स्टाफ के खिलाफ घपले आदि की कोई शिकायत आती है तो सुनवाई करने और दंड देने की शक्ति सरकार के आदमी (जज आदि) के पास न होकर नागरिक समूह (जूरी मंडल) के पास रहेगी। जूरी मंडल में 12 से 1500 तक जूरी सदस्य हो सकेंगे। प्रत्येक मामले के लिए अलग जूरी होगी और फैसला देने के बाद जूरी भंग हो जायेगी। जूरी सिस्टम खनन माफिया एवं जजों के गठजोड़ को तोड़ देगा।
खनन के मौजूदा आंकड़ो के अनुसार प्रत्येक भारतीय को प्रति माह लगभग 3000 रू तक राशि प्राप्त हो सकती है। खनिजों एवं जमीनों का बाजार भाव बढ़ने या घटने के साथ यह राशि घट या बढ़ सकती है। जूरी मंडल कैसे काम करेगा एवं वोट वापसी की प्रक्रिया क्या होगी आदि के विवरण के लिए खनिज मुनाफा बँटवारा क़ानून का पूरा ड्राफ्ट दिए गए QR कोड़ से डाउनलोड करें या इस लिंक पर जाएं Tinyurl.com/Khamba2
राजवर्ग प्रजा के अधीन रहना चाहिए, वर्ना वो प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा - अथर्ववेद