अध्याय:10
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अनिरुद्ध और आनंद दिल्ली के एक luxurious होटल रूम में रुकते है।
अब आगे.....!!
अगला दिन,दृश्य: लखनऊ के पॉश एरिया में खड़ा शानदार महेश्वरी मेंशन , दूर से ही अपनी शान दिखा रहा था - व्हाइट मार्बेल्स की बिल्डिंग, बड़े बड़े पिलर्स और परफेक्टली ट्रिम्ड गार्डेंस जिसमे फाउंटेंस की हल्की आवाज गूंज रही थी।
तभी , एक कार गेट से इंटर करती है। कार मेंशन के बाहर रुकती है, और सनाया कार से नीचे उतरती है। वो बिना इधर उधर देखे सीधा अंदर की तरफ बढ़ जाती है।
अंदर का दृश्य: ग्रांड एंट्रेंस हॉल, वॉल्स पर एक्सपेंसिव पेंटिंग्स लगी हुई, और हर चीज़ में एक रॉयल एलिगेंस,
सीढ़ियों से एक लड़का नीचे उतरता है, अपने फोन में नजरे गड़ाए हुए।
ये है ....ऋषि महेश्वरी, अनिरुद्ध के छोटे भाई , उम्र:25 साल , चुलबुला और मस्ती भरा अंदाज।
कैजुअल आउटफिट, messy hairs, फेस पर हमेशा वाली मस्ती भरी स्माइल।
ऋषि:(फोन देखते हुए, थोड़ा लाउड टोन में) सुनीता आंटी, मैं अपने दोस्तों के साथ बाहर जा रहा हूं। दादी को कह दीजिएगा , लेट हो जायेगा!
सुनीता, घर की मेड ,मिडिल एज, केयरिंग नेचर।
सुनीता:(केयरिंग टोन में) ऋषि बाबा, नाश्ता तो कर लीजिए।
ऋषि: अरे , नही आंटी, friends wait कर रहे है, बाहर ही कुछ खा लूंगा!
सुनीता हल्का हां में सिर हिला देती है।
ऋषि जाने के लिए मुड़ता है तभी main door से सनाया अंदर आती है।
ऋषि और सुनीता दोनो की नजरे उस पर टिक जाती है।(दोनो के एक्सप्रेशन इस समय ऐसे थे जैसे सनाया का आना उन दोनो को पसंद न आया हो।) फिर भी ....
सुनीता:(चहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट लाते हुए) नमस्ते सनाया बिटिया।
सनाया कोई जवाब नही देती। (क्योंकि उसकी नजरों में गरीब और मिडिल क्लास लोगो की कोई वैल्यू नही।)
ऋषि: (माहौल को हल्का करने की कोशिश में, स्माइल के साथ) hey..!! सनाया तुम लखनऊ कब आई।
सनाया: कल ही...!! मेरी फिल्म की शूटिंग खत्म हो गई तो सोचा तुम लोगो से मिल लू।
ऋषि: ohh..!! अच्छा किया!
कुछ देर शांति रहती है।
ऋषि:(अपनी वॉच देखते हुए) ओके मैं चलता हूं .... ऑलरेडी लेट हूं।
बाय !!
(यह कहकर ऋषि मेंशन से बाहर निकल जाता है।)
सुनीता:(सनाया को देखते हुए मन में) जब भी आती है, घर की शांति भंग करके जाती है। भगवान करे... आज कुछ ऐसा न हो।
सनाया धीरे से चल कर हॉल के सेंटर में पड़े लग्जरियस सोफे पर बैठ जाती है।
कुछ देर बाद,
सीढ़ियों से एक औरत नीचे उतरते हुए दिखती है।
Heavy बनारसी साड़ी, नेक पर एक्सपेंसिव डायमंड सेट , चेहरे पर एक रॉयल एरोगेंस ।
ये हैं वसुंधरा महेश्वरी। रजत जी की पत्नी।
वसुंधरा: (उपर से ही, हल्की स्माइल के साथ)तो...सनाया आ गई तुम!
सनाया अपनी नजरे ऊपर उठाकर देखती है....!!
सनाया:(हल्की स्माइल के साथ) मुझे तो आना ही था आंटी।
(वसुंधरा धीरे धीरे सीढ़ियों से उतर कर नीचे आती है और उसके सामने वाले सोफे पर ग्रेसफुली बैठ जाती है।)
वसुंधरा: तो बोलो ....क्या चाहती हो तुम।
सनाया: you already know आंटी।मुझे सिर्फ अनी चाहिए... ।और अपने कहा था कि अनी सिर्फ मेरा है ,उसकी शादी सिर्फ मुझसे होगी।
वसुंधरा:(हल्की स्माइल के साथ) हां सनाया बेटा..!! अनी सिर्फ तुम्हारा ही है। और तुम्ही बनोगी महेश्वरी खानदान की बड़ी बहू।
सनाया: पर कब..!!
वसुंधरा: बहुत जल्द। पहले तुम थोड़ा रिलेक्स हो जाओ..!!(वो साइड में थोड़ी दूरी पर खड़ी सुनीता की तरफ देखती है।)
(अथॉरिटी भरी आवाज में)सुनीता , जाओ सनाया के लिए जूस लेके आओ।
सुनीता:(सिर झुकाकर)....जी।(और तुरंत वहा से चली जाती है)
वसुंधरा:(सनाया से) मैंने तुमसे प्रोमिश किया है, सनाया .......तो जरूर पूरा करूंगी। बस... mr khanna अपना वादा न भूले।
सनाया की आंखो में एक कॉन्फिडेंट शाइन आ जाती है।
सनाया: डैड, अपना वादा नही भूलेंगे वो मेरे लिए कुछ भी कर सकते है।
वसुंधरा:(मुस्कुराकर)तो ये जान लो, महेश्वरी खानदान की बड़ी बहू तुम ही बनोगी ।
तभी एंट्रेंस से एक आवाज गूंजती है।
ये फैसला लेने के लिए....अभी हम जिंदा है वसुंधरा।
(दोनो की नजरे तुरंत दरवाजे की तरफ उठती है।और वहा एक महिला एंट्री लेता है।)
राजेश्वरी देवी।....अनिरुद्ध की दादी! क्रीम कलर को रॉयल सिल्क साड़ी...गले में सुंदर सफेद रंग की मोतियों को माला, चेहरे पर अलग ही तेज, आंखो में experience।अनिरुद्ध इनका बहुत सम्मान करता है...सिर्फ इन्ही की बाते मानता है।(हम आपको बता दें की राजेश्वरी जी सनाया और वसुंधरा जी को पसंद नही करती।)
वो आगे बढ़ती हैं।
राजेश्वरी जी: हमारे घर की बहु कौन बनेगी ....इसका फैसला हम करेंगे।
(हॉल में कुछ देर खामोशी छा जाती है।)
वसुंधरा : (हल्की फोर्स्ड स्माइल के साथ) मां जी....आप गलत समझ रही हैं , हम तो बस ।
राजेश्वरी जी: (बीच में रोक कर) हम सब समझ रहे हैं वसुंधरा..!! और हमे किसी से समझने की जरूरत नही है।
(यह कह कर उनकी नजर सनाया पर टिक जाती है।)
राजेश्वरी जी: (क्लियर टोन में) इस घर की बहु बनने के लिए सिर्फ खूबसूरती या स्टेटस नही चाहिए।...खूबसूरत दिल और संस्कार चाहिए ..!!जो हमें तुम में कभी नजर नही आए।
सनाया की मुट्ठियां भींच जाती है। उसकी आंखो में गुस्सा साफ नजर आ रहा था।
वसुंधरा: (मामले को संभालते हुए) मां जी..आप हर बात को unnecessarily.....!!
राजेश्वरी जी: बस.....!!!
जब तक हम जिंदा है ।इस घर का कोई भी फैसला हमसे पूछे बिना नही लिया जाएगा । (थोड़ा रुक कर , वसुंधरा से) और वैसे भी...तुम्हारा कोई हक नही बनाता अनी से जुड़ा कोई भी फैसला लेने का।
(यह बात सुनकर वसुंधरा की मुट्ठियां भी कस जाती है फिर भी वह खुद को कंट्रोल करती है)
सनाया कुछ बोलने को होती है पर वसुंधरा उसे इशारा कर रोक लेती है।
राजेश्वरी जी:(सुनीता से) ऋषि और महिरा कहा है??
सुनीता: ऋषि बाबा , अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने गए है... माहिरा बिटिया कॉलेज गई है।
राजेश्वरी जी: ठीक है...आज हमारा खाना हमारे कमरे में ही भिजवा देना..!!
सुनीता: जी! (राजेश्वरी जी अपने कमरे की ओर बढ़ जाती है।)
तभी किचन से मीरा...सुनीता की बेटी.(सीधी साधी लड़की , सूट सलवार पहने हुए)हाथ में जूस का ट्रे लेकर बाहर आती है।
मीरा: (जूस का ट्रे सनाया की तरफ बढ़ाते हुए) मैडम आपका जूस।
सनाया गुस्से में थी .... वह ट्रे को जोर से हाथ मारती है। ट्रे और ग्लास दोनो फर्श पर गिर जाते .. ग्लास चकनाचूर हो जाता है और जूस पूरे फर्श पर फैल जाता है ।(मीरा हल्का सा डर जाती है।)
वसुंधरा: सनाया..!!
(सनाया गुस्से में वहां से निकल जाती है।)
वसुंधरा : (पीछे से) सनाया.... सुनो तो...!! (फिर गुस्से में) जल्दी साफ करो इसे..!!(और खुद भी अपने कमरे की ओर बढ़ जाती है।)
मीरा और सुनीता टूटे हुए ग्लास के टुकड़े समेटने लगती हैं।
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एक नजर......महेश्वरी परिवार।
• रजत महेश्वरी: अनिरुद्ध के पिता, शांत और समझदार..!! दिखने में अभी भी फिट ...देख कर कोई नही के सकता की 29 साल का बेटा है इनका।
• वसुंधरा महेश्वरी:रजत की वाइफ...स्वभाव - घमंड और एरोगेंस से भरा हुआ...!!अपने अंदर कई राज दफन किए हुए।
•राजेश्वरी जी: अनिरुद्ध की दादी, चेहरे पर सच्चाई और तेज...अपने परिवार से बहुत प्यार करती है। एक समाजसेविका.....इनके नाम पर कई हॉस्पिटल्स, अनाथाश्रम , स्कूल्स आदि चल रहे हैं।
•ऋषि महेश्वरी: अनिरुद्ध का छोटा भाई, उम्र:25 साल, चुलबुला और मस्तीखोर...कॉलेज 3rd year स्टूडेंट
•माहिरा महेश्वरी: उम्र - 22 साल , एटीट्यूड गर्ल... अनिरुद्ध की लाडली छोटी बहन ... स्वभाव : सनाया से मिलता जुलता...!!कॉलेज 2nd year स्टूडेंट।
•कुणाल महेश्वरी: उम्र:26 साल, वसुंधरा का बेटा....एरोगेंट और बिगड़ा हुआ ...!!किसी की नही सुनता!
•रोशनी महेश्वरी: उम्र:27 साल, कुणाल की बड़ी बहन...स्वभाव माहिरा के एकदम उल्टा...शांत !
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आज के लिए बस इतना ही .....आगे जानने के लिए पढ़ते रहिए ....
आशिकी.....अब तुम ही हो.!!
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राधे राधे 😊🙏!!