Aashiqui - 7 in Hindi Drama by vaishnavi Shukla books and stories PDF | आशिकी.....अब तुम ही हो। - 7

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 7

अध्याय:7

अब तक हमने जाना की अनिरुद्ध रजत जी से किसी बात को लेकर नाराज हैं।

अब आगे

...............

अनिरुद्ध तेजी में रजत के केबिन से निकल कर अपने केबिन में आता है और आंखे बंद कर कुर्सी से सिर  टिका  कर बैठ जाता है।

उसकी आंखों के सामने कुछ दृश्य आने शुरू होते है।

एक स्थान पर सामने एक चिता जल रही है जिसके आसपास कुछ लोग खड़े है । तीन लड़के जिनमे दो की उम्र  लगभग 14 साल और एक की लगभग  9 साल है.... चिता के सामने बिलख कर रो रहे  होते है।

तभी अनिरुद्ध के कंधे पर कोई हाथ रखता है जिसे महसूस कर अनिरुद्ध अपनी आंखे खोलता है..और देखता है सामने आनंद खड़ा था।

(आनंद पानी का ग्लास आगे बढ़ाता है)

अनिरुद्ध:(आंखे बंद कर) leave me alone for a while..!  Nandu

आनंद: हां हां ठीक है ..पहले पानी पी ।

अनिरुद्ध उसे घूरता है ,आनंद भी उसे घूरते हुए पानी पीने का इशारा करता है ।

अनिरुद्ध फ्रस्ट्रेटेड होकर पानी का पूरा ग्लास खाली कर देता है।

अनिरुद्ध:(ग्लास टेबल पर रखते हुए) अब निकल।

आनंद : मीटिंग के बारे में याद दिलाने आया था । आज 1:30 मीटिंग है तेरी। 

अनिरुद्ध: हम्म।

(आनंद कुछ देर अनिरुद्ध को देखता है फिर केबिन से बाहर निकल जाता है।)

आनंद दरवाजे पर रुककर ...फिर अनिरुद्ध को देखता है..जो अभी भी आंखे बंद कर उसी तरह बैठा हुआ है।

आनंद:(अनिरुद्ध को देखते हुए मन में) मुझसे तेरी ये हालत देखी नही जाती ....!! अनी मैं भगवान से यही prayer करूंगा की जल्द ही तेरी life में कोई ऐसा इंसान आए जो तेरी उदासी चुराकर खुशियां ही खुशियां भर दे।

(वह हल्की में आंखो से मुस्कुरा देता है। और अपने केबिन की और बढ़ जाता हैं।)

कुछ देर बाद।

ASM कंपनी की बिल्डिंग के सामने अचानक से एक luxury white colour की car आकर रुकती है।

ड्राइवर बाहर निकालता है और धीरे से कार का डोर ओपन करता है.. कार से एक खूबसूरत लड़की बाहर निकलती है..!जिसने desinger western dress पहनी हुई है..और चहरे पर भारी मेकअप  लगा रखा है!

बालों को हल्का झटकर आंखों पर अपने सनग्लासेज सेट करती है।

ये है सनाया खन्ना ..फिल्म इंड्रस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस एंड सुपरमॉडल..उम्र:26 साल रजत जी के दोस्त आशुतोष खन्ना की एकलौती बेटी।

उसके चेहरे पर अजीब सा घमंड भरा कॉन्फिडेंस था जैसे उसे लगता हो की पूरी दुनिया उसके पैरो के नीचे है।

वह आगे बढ़ती है.. गार्ड उसे झुककर अभिवादन करता है पर सनाया उसे इग्नोर कर आगे बढ़ जाती।

उसके हाई हील्स की टक टक की आवाज पुरे फ्लोर पर गूंज रही होती है 

 ऑफिस में काम कर रहे सभी लोग उसको देख रहे थे। वह उसी घमंड भरी चाल से आगे बढ़ कर लिफ्ट के अंदर चली जाती है।

कुछ देर बाद..!!

सनाया अनिरुद्ध की केबिन के दरवाजे पर पहुंचती है अंदर अनिरुद्ध कुर्सी पर बैठा लैपटॉप पर काम कर रहा होता । सनाया उसे देख मुस्कुराती है। और केबिन के अंदर आ जाती  हैं।

सनाया अपने sunglasses निकाल कर वही टेबल पर रख देती हैं।

अनिरुद्ध को पता तो चल चुका था कि सनाया आई हुई है पर वह उसे इग्नोर करके अपना काम करता रहता है।

सनाया :(अनिरुद्ध के कंधे पर हाथ फेरते हुए) Ani you are looking so handsom today 

अनिरुद्ध:(हाथ हटाते हुए ठंडे लहजे में) if you have something important to say then tell में otherwise don't disturb...!!

(सनाया अभी अनिरुद्ध की चेयर पीछे खड़ी होती है।)

सनाया:(धीरे से) उफ्फ। ...तुम्हारा ये एटीट्यूड अनी।(जिसे अनिरुद्ध ने नही सुना।)

सनाया: मैं तो तुम्हे कंग्राटुलेशंस देने आई थी ani (और खड़े खड़े ही उसके गले लग जाती है।)

अनिरुद्ध:(उसे खुद से दूर करते हुए थोड़े सख्त लहज़े में) सनाया...कितनी बार कहा है मुझसे दूर रह कर बात किया करो।

सनाया:(मुस्कुराते हुए मन में)तुमसे दूर कैसे रह सकती हूं ani।

(तभी नोवा डोर नॉक करती है )

नोवा: may I come in sir..??

अनिरुद्ध: yes।

(नोवा अंदर आती है)

नोवा:(सनाया से) good afternoom mam।

सनाया:(एटीट्यूड से) हम्म।

नोवा:(अनिरुद्ध से) सर , आपकी 1:30 बजे की मीटिंग है । सारी तैयारियां हो चुकी है we must leave now sir..!!

अनिरुद्ध: हम्म। 

और कुर्सी से उठकर अपने कोट का बटन बंद कर जाने लगता हैं

(अनिरुद्ध डोर तक पहुंचता ही है की.....)

सनाया:(रोकते हुए) listen ani...I am  also coming with you to delhi tomarrow.

अनिरुद्ध रुकता है और( बिना पीछे पलते): you don't need to come with me. मेरे साथ सिर्फ नंदू ही जायेगा और किसी को जाने की जरूरत नही है।

(तब तक केबिन के बाहर आनंद भी आ चुका था।)

अनिरुद्ध इतना कह कर केबिन से निकल जाता है और पीछे नोवा भी चली जाती है।

और आनंद सनाया को थोड़ी देर घूरता है फिर वह भी आगे चला जाता है।

(सनाया को ये बात बिल्कुल भी  पसंद नही आई की अनिरुद्ध ने सबके सामने उसे मना किया ।)

सनाया:(डेविल स्माइल के साथ) ani my dear sweetheart..!! कब तक यूं दूर रहोगे एक दिन तुम्हे मेरा ही होना है , becouse I love you,my darling ani। और सनाया खन्ना जिसे चाहती है उसे पाकर रहती है at any cost।

(फिर मुस्कुराकर अपने सनग्लासेज पहनती है और उसी एटीट्यूड में बाल झटकते हुए केबिन से निकल जाती है।)

इधर श्रद्धा अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ी बाहर देख रही होती है।

श्रद्धा:(बाहर देखते हुए खुद से) पता नही क्यों..!!कुछ अलग से एहसाह हो रहे है जैसे कुछ खास मिलने वाला है (और ऐसे ही एकटक खिड़की के बाहर देखती रहती है)


आज बस इतना ही आगे जानेंगे की क्या खास होने वाला श्रद्धा के जीवन में।