Mout ki Dastak - 16 in Hindi Horror Stories by kajal jha books and stories PDF | मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 16

Featured Books
Categories
Share

मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 16

हवेली का शाप: रूहों का बुलावा
अध्याय 1: सन्नाटे की दस्तक
आर्यन एक स्वतंत्र छायाकार (photographer) था, जिसे दुनिया की चकाचौंध से ज्यादा उन खंडहरों में दिलचस्पी थी जिन्हें वक्त ने भुला दिया था। उसकी खोज उसे 'नीलगिरी' की पहाड़ियों के बीच बसी एक गुमनाम हवेली 'ब्लैकवुड मनोर' तक ले आई। स्थानीय लोग इस हवेली का नाम सुनते ही अपनी उंगलियां दांतों तले दबा लेते थे। कहते थे कि साठ साल पहले यहाँ एक रईस खानदान रहता था, जो एक ही रात में रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया।
शाम के धुंधलके में जब आर्यन उस विशाल लोहे के गेट के पास पहुँचा, तो हवा में एक अजीब सी भारीपन महसूस हुई। परिंदे उस हवेली के ऊपर से उड़ने के बजाय रास्ता बदल रहे थे। आर्यन ने अपना बैग संभाला और अंदर कदम रखा। सूखी पत्तियों के चरमराने की आवाज़ सन्नाटे को और गहरा कर रही थी।
अध्याय 2: यादों के धुंधले अक्स
हवेली का मुख्य दरवाज़ा सदियों पुराने भारी लकड़ी का बना था, जो बिना धक्का दिए ही एक लंबी चूँ-चूँ की आवाज़ के साथ खुल गया। अंदर कदम रखते ही एक तीखी, सड़ी हुई गंध ने उसका स्वागत किया—जैसे वर्षों से बंद किसी कब्र की हवा बाहर निकली हो।
आर्यन ने अपनी टॉर्च जलाई। रोशनी की किरणें धूल भरे झूमरों, फटे हुए कालीनों और दीवारों पर टंगी उन विशाल तेल चित्रों (oil paintings) पर पड़ीं जो अब काली पड़ चुकी थीं। उन चित्रों में बने पूर्वजों की आँखें सजीव लग रही थीं। आर्यन को ऐसा लगा जैसे वह हवेली को नहीं देख रहा, बल्कि हवेली उसे देख रही है।
उसने अपने कैमरे का लेंस सेट किया और हॉल की कुछ तस्वीरें लीं। तभी उसे महसूस हुआ कि सीढ़ियों के ऊपर कोई परछाईं तेज़ी से गुज़री है। "कौन है?" उसने आवाज़ दी, पर जवाब में सिर्फ अपनी ही गूँज सुनाई दी।
अध्याय 3: आधी रात का संगीत
रात के ठीक 12 बजे, जब पूरा जंगल सन्नाटे की चादर ओढ़े था, अचानक एक आवाज़ आई।
'टिन... टिन... टिन...'
यह किसी पीतल की छोटी घंटी की आवाज़ थी। वही घंटी जिसे पुराने ज़माने में अमीर लोग अपने नौकरों को बुलाने के लिए इस्तेमाल करते थे। आवाज़ ऊपर की मंज़िल के आखिरी कमरे से आ रही थी। आर्यन का दिल ज़ोर से धड़कने लगा। तर्क कह रहा था कि भाग जाओ, लेकिन रोमांच की भूख उसे ऊपर खींच ले गई।
सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त उसे महसूस हुआ कि तापमान अचानक गिर गया है। उसकी सांसें सफेद धुएं की तरह हवा में जम रही थीं। वह उस कमरे के सामने पहुँचा जहाँ से आवाज़ आई थी। दरवाज़ा आधा खुला था। अंदर से एक नीली सी रोशनी आ रही थी।
अध्याय 4: वो जो दिखाई नहीं देता
कमरे के बीचों-बीच एक पुरानी व्हीलचेयर रखी थी। वह बिना किसी हवा के धीरे-धीरे आगे-पीछे डोल रही थी। ज़मीन पर एक पुरानी पीतल की घंटी पड़ी थी, जो अब भी हिल रही थी। आर्यन ने साहस जुटाया और कैमरा ऑन किया। उसने सोचा कि शायद यह कोई वैज्ञानिक घटना हो, या शायद हवा का दबाव।
उसने 'क्लिक' किया। फ्लैश की तेज़ रोशनी ने एक पल के लिए कमरे को जगमगा दिया।
जब उसने कैमरे की डिजिटल स्क्रीन पर उस फोटो को देखा, तो उसके पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई।
नग्न आंखों से: कमरा खाली था और व्हीलचेयर पर कोई नहीं था।
फोटो में: उस कुर्सी पर एक महिला बैठी थी। उसके बाल सफेद और उलझे हुए थे, जो ज़मीन तक लटक रहे थे। उसका चेहरा आग से बुरी तरह झुलसा हुआ था, मांस लटका हुआ था, और वह सीधे कैमरे के लेंस में देख रही थी। सबसे भयावह बात यह थी कि फोटो में उसके हाथ आर्यन की तरफ बढ़े हुए थे।
अध्याय 5: रूहानी कैद
आर्यन पीछे हटा, लेकिन उसका पैर उस घंटी पर पड़ गया। घंटी बजते ही पूरे कमरे में और भी कई घंटियां बजने लगीं। सन्नाटा अब चीखों में बदल चुका था। उसे दीवारों के पीछे से खुरचने की आवाज़ें सुनाई देने लगीं।
उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे महसूस हुआ कि किसी ने उसके पीछे से उसकी जैकेट पकड़ ली है। एक बर्फीली ठंडी छुअन उसकी गर्दन पर महसूस हुई। एक धीमी, कड़कड़ाती हुई आवाज़ उसके कान में गूँजी:
"साठ साल हो गए... कोई मेरा बुलावा सुनने नहीं आया। क्या तुम मेरा नया नौकर बनोगे?"
आर्यन ने झटके से खुद को छुड़ाया और नीचे की तरफ भागा। लेकिन हवेली का भूगोल बदल चुका था। जहाँ दरवाज़ा था, वहाँ अब सिर्फ एक दीवार थी। वह जिस भी कमरे में जाता, वही व्हीलचेयर और वही झुलसी हुई औरत उसे वहाँ बैठी मिलती।
अध्याय 6: आखिरी फ्रेम
थक हार कर आर्यन मुख्य हॉल में गिर पड़ा। उसने आखिरी बार अपनी टॉर्च जलाई, तो देखा कि दीवार पर लगी उन पुरानी पेंटिंग्स के चेहरे अब बदल चुके थे। उन सब की जगह अब आर्यन का अपना चेहरा उन तस्वीरों में नज़र आ रहा था—चीखता हुआ, डरा हुआ।
उसने अपना कैमरा उठाया और एक आखिरी वीडियो संदेश रिकॉर्ड करने की कोशिश की, ताकि दुनिया को पता चल सके। लेकिन जैसे ही उसने रिकॉर्डिंग शुरू की, कैमरे की स्क्रीन काली पड़ गई और उस पर खून जैसे लाल रंग से लिखा आया: "Property of the Mansion" (हवेली की अमानत)।
उपसंहार
अगली सुबह, कुछ लकड़हारे हवेली के पास से गुज़रे। उन्होंने देखा कि मुख्य द्वार खुला है। अंदर उन्हें सिर्फ आर्यन का कैमरा मिला, जो पूरी तरह सुरक्षित था।
जब पुलिस ने उस कैमरे की जांच की, तो उसमें एक भी फोटो नहीं थी। लेकिन जब उन्होंने हवेली की मुख्य दीवार पर लगी सबसे पुरानी पेंटिंग को देखा, तो दंग रह गए। उस धूल भरी पुरानी पेंटिंग में एक नया किरदार जुड़ गया था—एक नौजवान लड़का, जिसके हाथ में कैमरा था और जिसकी आँखों में मौत का खौफ साफ दिख रहा था।