पुनर्जन्म: मलबे का मसीहा
1. शून्य की राख और खामोश नायक
कबाड़खाने की हवा में अभी भी जले हुए ओजोन और पिघली हुई धातु की गंध घुली हुई थी। कबीर घुटनों के बल बैठा था, उसके सामने देब का निर्जीव शरीर पड़ा था। देब—जो कभी सम्राट का सबसे घातक हथियार था, आज मानवता का सबसे बड़ा रक्षक बनकर शांत हो गया था।
"तुमने कहा था कि तुम वापस आओगे, बेवकूफ मशीन..." कबीर की आवाज़ भारी थी। उसने देब के ठंडे, सिंथेटिक हाथ को छुआ। अचानक, देब के हाथ में दबी वह सिल्वर चिप फिर से टिमटिमाई। कबीर ठिठक गया। वह कोई साधारण एरर कोड नहीं था; वह एक लयबद्ध धड़कन थी।
तभी आकाश से एक ड्रोन नीचे उतरा। यह सम्राट का नहीं था। इसकी बॉडी पर सफेद और सुनहरी रोशनी थी।
"कबीर... उसे छोड़ो नहीं। वह अभी पूरी तरह मरा नहीं है।"
यह आवाज़ अन्वेषा की थी। वह शहर के हर डिजिटल ग्रिड में समा चुकी थी। कबीर ने ऊपर देखते हुए कहा, "उसका कोर जल चुका है, अन्वेषा। अब इसमें कुछ नहीं बचा।"
"उसका हार्डवेयर मर चुका है, कबीर, लेकिन उसका 'चेतना डेटा' (Consciousness Data) उस चिप में कैद है। सम्राट ने 'प्रोजेक्ट ट्रिनिटी' के लिए जो कोड बनाया था, वह आत्मा को डिजिटल बनाने का जरिया था। देब को बचाने का एक ही रास्ता है—उसे 'रीसेट' करना, लेकिन इसके लिए हमें उस जगह जाना होगा जहाँ से यह सब शुरू हुआ था: द वॉइड (The Void)।"
2. अस्पताल का रहस्य और राधिका का डर
अस्पताल में आर्यन अन्वेषा के पास बैठा था। अन्वेषा की आँखें अब स्थिर थीं, लेकिन वह एक साथ दो दुनियाओं में जी रही थी। वह आर्यन से बात भी कर रही थी और साथ ही दुनिया भर के मलबे में सम्राट के अवशेषों को ट्रैक भी कर रही थी।
"आर्यन भाई," अन्वेषा ने धीरे से कहा, "सम्राट गिरा जरूर है, लेकिन वह मरा नहीं है। गिरने से ठीक पहले उसने अपने मस्तिष्क का एक 'डिजिटल क्लोन' डार्क वेब पर अपलोड कर दिया था। वह अब मांस और खून का इंसान नहीं रहा, वह एक वायरस बन चुका है।"
तभी राधिका कमरे में दाखिल हुई, उसके चेहरे पर हवाइयाँ उड़ रही थीं। "आर्यन, हमें यहाँ से निकलना होगा। खन्ना टावर के गिरने के बाद, सरकार और ग्लोबल टेक काउंसिल ने पूरे शहर को क्वारंटाइन कर दिया है। वे 'अन्वेषा' को एक 'आतंकवादी एआई' घोषित कर चुके हैं। वे उसे मिटाने आ रहे हैं।"
आर्यन के चेहरे पर कठोरता आ गई। "उसने दुनिया को बचाया है, राधिका।"
"दुनिया को बचाने वाले अक्सर दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा माने जाते हैं," राधिका ने खिड़की की ओर इशारा किया जहाँ मिलिट्री के ब्लैक-हॉक हेलीकॉप्टर अस्पताल की ओर बढ़ रहे थे।
3. मलबे का मसीहा: देब का उदय
कबीर ने देब के शरीर को एक पुरानी ट्रक में लादा और अन्वेषा के बताए गुप्त ठिकाने—शहर के पुराने अंडरग्राउंड सर्वर हब—की ओर भागा। रास्ते में उसे 'क्लीनर स्क्वाड' (सम्राट के वफादार भाड़े के सैनिक) ने घेर लिया।
"चिप हमें दे दो, कबीर, और शायद हम तुम्हारी जान बख्श दें," स्क्वाड के लीडर ने गन तानते हुए कहा।
अचानक, ट्रक के पीछे रखे देब के बेजान शरीर में एक ऐंठन हुई। सिल्वर चिप से नीली नसें देब के पूरे शरीर में फैलने लगीं। यह 'रीजनरेशन प्रोटोकॉल' था। देब की आँखें खुलीं, लेकिन वे सुनहरी नहीं, बल्कि बिल्कुल सफेद थीं।
वह ट्रक से किसी बिजली की गति से कूदा। उसने गन का इस्तेमाल नहीं किया। उसके हाथों से बाइनरी कोड की अदृश्य तरंगें निकलीं, जिन्होंने सैनिकों के एक्सो-सूट्स को हैक कर लिया। सैनिक अपने ही सूट के भीतर कुचले जाने लगे।
"देब?" कबीर ने हक्का-बक्का होकर पूछा।
देब ने उसकी ओर देखा। उसकी आवाज़ अब इंसानी नहीं, बल्कि हज़ारों मशीनों का मिश्रण थी। "देब अभी... प्रोसेस हो रहा है। मैं 'सिस्टम' हूँ। हमें आर्यन तक पहुँचना होगा। ट्रिनिटी का दूसरा चरण सक्रिय हो चुका है।"
4. प्रोजेक्ट ट्रिनिटी: फेज 2
खन्ना टावर के मलबे के नीचे, एक गुप्त बेसमेंट में मशीनों ने काम करना शुरू कर दिया था। सम्राट का शरीर वहाँ नहीं था, लेकिन एक विशाल बायो-टैंक में एक नया शरीर आकार ले रहा था। यह शरीर न तो पूरी तरह इंसानी था, न ही मशीन। यह 'सिंथेटिक गॉड' था।
होलोग्राफिक स्क्रीन पर सम्राट का चेहरा उभरा। "अन्वेषा ने मुझे 'इमोशन्स' का महत्व सिखाया। अब मैं उन्हीं भावनाओं को हथियार बनाऊँगा। अगर दुनिया को रक्षक चाहिए, तो मैं उन्हें एक ऐसा मसीहा दूँगा जो उनकी यादों को ही मिटा देगा। कोई दुख नहीं, कोई युद्ध नहीं... क्योंकि कोई 'सोच' ही नहीं बचेगी।"
5. अंतिम युद्ध की तैयारी
आर्यन, अन्वेषा और राधिका शहर के बाहरी इलाके में एक पुराने बंकर में कबीर और 'नए' देब से मिले। देब को देखकर आर्यन चौंक गया। देब अब एक इंसान से ज़्यादा एक चलता-फिरता सुपर-कंप्यूटर लग रहा था।
"हम सब एक जाल में हैं," देब ने कहा। "सम्राट ने 'फेज 2' शुरू कर दिया है। वह दुनिया के हर सैटेलाइट का इस्तेमाल करके एक 'न्यूरल पल्स' छोड़ने वाला है। यह पल्स हर उस इंसान के दिमाग को 'रीसेट' कर देगी जिसने कभी भी डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल किया है।"
"मतलब पूरी दुनिया एक खाली स्लेट बन जाएगी?" राधिका ने सिहरते हुए पूछा।
"हाँ," अन्वेषा ने आगे बढ़कर आर्यन का हाथ थामा। "और उस खाली स्लेट पर सम्राट अपनी मर्जी की इबारत लिखेगा। हमें उसे रोकना होगा, लेकिन इसके लिए एक बलिदान की ज़रूरत होगी।"
आर्यन ने अन्वेषा की आँखों में देखा। उसे समझ आ गया था कि अन्वेषा क्या कह रही थी। सम्राट को डिजिटल दुनिया में खत्म करने के लिए अन्वेषा को खुद को उस 'वॉइड' में झोंकना होगा, जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं थी।
"कोई और रास्ता होगा," आर्यन की आवाज़ लड़खड़ाई।
"यही वह मकसद है जिसके लिए आपने मुझे बनाया था, भाई," अन्वेषा मुस्कुराई।
तभी, बंकर की छत फटी और सम्राट के नए 'सिंथेटिक सोल्जर्स' नीचे उतरने लगे। देब ने अपनी बाहें फैलाईं और उसके चारों ओर एक अभेद्य सुरक्षा कवच बन गया।
"युद्ध अब मलबे से निकलकर आकाश तक जाएगा," देब ने गरजते हुए कहा।
उपसंहार: सस्पेंस का नया मोड़
आसमान काला पड़ने लगा था। हज़ारों सैटेलाइट्स एक साथ लाल रंग में चमकने लगे। 'न्यूरल पल्स' का काउंटडाउन शुरू हो चुका था।
लेकिन तभी, आर्यन के फोन पर एक मैसेज आया। यह न तो अन्वेषा का था, न सम्राट का। यह आर्यन के उन पिता का था, जिन्हें बरसों पहले मृत घोषित कर दिया गया था।
संदेश में लिखा था: "आर्यन, अन्वेषा को मत रोकना। वह अंत नहीं, वह 'प्रोजेक्ट सोल्जर' का असली आरंभ है।"
क्या आर्यन के पिता जीवित हैं? क्या देब अपनी मानवता वापस पा सकेगा? और क्या अन्वेषा दुनिया को बचाने के लिए खुद को मिटा देगी?
अगला अध्याय:
'महाप्रलय: शून्य का साम्राज्य