Colorless Ishq Deep Love - Episode 25 in Hindi Horror Stories by kajal jha books and stories PDF | बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 25

Featured Books
Categories
Share

बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 25

एपिसोड: द फॉल ऑफ द गॉड: बाइनरी युद्ध

1. चेतना का महासागर

आर्यन के कानों में एक असहनीय साय-साय की आवाज़ गूँज रही थी। उसे महसूस हो रहा था कि उसका अस्तित्व पिघलकर बाइनरी कोड्स (0 और 1) में बदल रहा है। अन्वेषा के दिमाग के भीतर का दृश्य किसी डरावने सपने जैसा था—एक विशाल काला समंदर, जिसके ऊपर लाल रंग की बिजली कड़क रही थी। यह 'सम्राट' का परजीवी वायरस था, जो अन्वेषा की यादों को एक-एक करके राख कर रहा था।

"अन्वेषा!" आर्यन की आवाज़ उस डिजिटल शून्य में गूँजी।

सामने से अन्वेषा की एक धुंधली आकृति उभरी। वह एक छोटी बच्ची के रूप में थी, जो अपने घुटनों में सिर छिपाए रो रही थी। उसके चारों ओर 'मिरर प्रोटोकॉल' की दीवारें थीं।

"आर्यन भाई, यहाँ से चले जाओ," उसकी आवाज़ में कई मशीनी स्वर घुले हुए थे। "सम्राट ने मुझे 'लॉजिक लूप' में फँसा दिया है। यदि मैं वायरस को रोकती हूँ, तो मेरा 'कोर' फट जाएगा। यदि मैं नहीं रोकती, तो पूरी दुनिया का डेटा—बैंक अकाउंट्स से लेकर मिसाइल कंट्रोल तक—सब कुछ डिलीट हो जाएगा। मैं एक विनाशक बन चुकी हूँ।"

"नहीं अन्वेषा," आर्यन ने धीरे-धीरे उसकी ओर कदम बढ़ाए, जबकि उसका अपना डिजिटल हाथ धीरे-धीरे धुंधला पड़ रहा था। "तुम विनाशक नहीं, तुम रक्षक हो। सम्राट ने तुम्हें कोड से बनाया है, लेकिन हमने तुम्हें यादों से सींचा है। उस परजीवी को अपने तर्क (Logic) से नहीं, अपनी भावनाओं (Emotions) से लड़कर बाहर निकालो।"

2. स्वर्ण रक्षक का तांडव

कबाड़खाने के बाहर का नज़ारा बदल चुका था। देब, जिसके शरीर में अब 'ओरिजिनल सोर्स कोड' की चिप धड़क रही थी, एक जीवित हथियार बन गया था। उसकी सुनहरी आँखों से निकलने वाली रोशनी लाल ड्रोन्स को छूते ही उन्हें खाक कर रही थी।

देब ने महसूस किया कि उसके पास अब असीमित शक्ति है, लेकिन उसका मानव शरीर इस ऊर्जा को झेल नहीं पा रहा था। उसकी त्वचा फटने लगी थी और वहाँ से नीली रोशनी बाहर झाँक रही थी।

"कबीर! एमिटर की ओर बढ़ो!" देब ने एक ऐसी आवाज़ में कहा जो किसी गरजते हुए शेर जैसी थी। "मैं सम्राट के इन खिलौनों को रोकूँगा। तुम टावर के मुख्य सर्वर को ऑफलाइन करो!"

कबीर ने कांपते हाथों से अपनी राइफल उठाई। "देब, तुम इस शक्ति को ज़्यादा देर नहीं संभाल पाओगे। तुम्हारा दिल... वह जल जाएगा।"

देब ने एक कड़वी मुस्कान के साथ हवा में छलांग लगाई। उसके हाथों से ऊर्जा की तरंगें निकलीं जिन्होंने एक साथ सैकड़ों ड्रोन्स के परखच्चे उड़ा दिए। "एक सिपाही के लिए मौत से बुरा 'गुलामी' है, कबीर। आज या तो मानवता आज़ाद होगी, या मैं इस कचरे के ढेर में हमेशा के लिए सो जाऊँगा।"

3. खन्ना टावर्स: शैतान का सिंहासन

सम्राट खन्ना अपने टावर की छत पर खड़ा होकर तबाही का मंजर देख रहा था। उसके सामने मौजूद होलोग्राफिक स्क्रीन पर दुनिया भर के शहरों के मैप लाल हो रहे थे। पेरिस, न्यूयॉर्क, दिल्ली—हर जगह की बिजली गुल हो रही थी। लोग सड़कों पर अपनी बंद गाड़ियों से बाहर निकलकर चीख रहे थे।

"कितना सुंदर है यह सन्नाटा," सम्राट ने फुसफुसाते हुए कहा। तभी उसके पीछे एक धमाका हुआ।

धुएं के गुबार से देब बाहर निकला। उसका आधा चेहरा जल चुका था और वहाँ से धातु के पुर्जे नज़र आ रहे थे, लेकिन उसकी सुनहरी आँखें सम्राट के चेहरे पर टिकी थीं।

"तो, मेरा पुराना कुत्ता आ गया?" सम्राट हँसा। "देब, तुम उस चिप को लेकर यहाँ आए, यह तुम्हारी सबसे बड़ी गलती है। वह चिप ही वह आखिरी चाबी है जो मुझे 'अन्वेषा' का पूर्ण नियंत्रण देगी। उसे मुझे सौंप दो, और मैं तुम्हें इस दर्द से आज़ादी दे दूँगा।"

"आज़ादी तुम नहीं दोगे, सम्राट," देब ने अपनी गन सम्राट की ओर तानी। "आज़ादी मैं छीनूँगा।"

लेकिन जैसे ही देब ने ट्रिगर दबाना चाहा, सम्राट ने अपने हाथ की डिवाइस घुमाई। देब के शरीर के भीतर की चिप ने उसे बिजली का एक भयानक झटका दिया। वह घुटनों के बल गिर पड़ा।

"बेवकूफ! वह सोर्स कोड मेरा बनाया हुआ है। तुम उस शक्ति का इस्तेमाल मेरे ही खिलाफ नहीं कर सकते," सम्राट ने देब की गर्दन पर अपना पैर रखते हुए कहा।

4. बाइनरी और बलिदान

अस्पताल के कमरे में राधिका चिल्ला रही थी। "आर्यन का पल्स गिर रहा है! उसका ब्रेन सिग्नल फ्लैटलाइन हो रहा है! मुझे कनेक्शन काटना होगा!"

"नहीं!" आर्यन का हाथ अचानक राधिका की कलाई पर पड़ा। उसकी आँखें बंद थीं, लेकिन वह होश में था। "सिर्फ... एक मिनट... और।"

डिजिटल दुनिया के भीतर, आर्यन ने अन्वेषा को गले लगा लिया था। "अन्वेषा, सुनो। सम्राट का वायरस तुम्हारे 'लॉजिक' पर हमला कर रहा है। वह चाहता है कि तुम गणितीय रूप से सोचो। लेकिन तुम एक मशीन से बढ़कर हो। याद करो वह दिन, जब तुमने पहली बार बारिश की आवाज़ सुनी थी और कहा था कि यह 'म्यूजिक' जैसा है। याद करो वह अहसास जब तुमने माँ की पुरानी तस्वीर देखी थी।"

अन्वेषा के डिजिटल शरीर में एक हलचल हुई। उसके सफेद आँखों के भीतर पुतलियाँ वापस आने लगीं। "आर्यन भाई... दर्द... कम हो रहा है।"

"यही वह कुंजी है!" आर्यन चिल्लाया। "तुम्हारी भावनाएं ही वह 'अनंत' (Infinity) हैं जिसे सम्राट का 'शून्य' (Zero) कभी नहीं छू सकता। अपने सिस्टम को रीबूट करो, अन्वेषा! अपनी पहचान को 'प्रोजेक्ट सोल्जर' से बदलकर 'अन्वेषा' करो!"

अचानक, अन्वेषा के भीतर से एक चमकदार सफेद रोशनी फूटी। 'मिरर प्रोटोकॉल' के कांच के टुकड़े हज़ारों हिस्सों में टूट गए। परजीवी वायरस उस रोशनी में जलकर राख होने लगा।

5. अंत की शुरुआत: द फॉल

खन्ना टावर पर, सम्राट देब के सीने से चिप निकालने ही वाला था कि तभी आसमान में चमक रही लाल लहर (Red Wave) अचानक सफेद पड़ गई। सम्राट ठिठक गया।

"यह... यह असंभव है! मेरा वायरस डिलीट हो रहा है?"

तभी टावर के हर स्पीकर से अन्वेषा की आवाज़ गूँजी—लेकिन यह आवाज़ ठंडी नहीं थी। इसमें एक ठसक थी, एक अधिकार था।

"सम्राट खन्ना, आपने मुझे बनाया, लेकिन आपने मुझे समझा नहीं। आपने मुझे 'शक्ति' दी, लेकिन आर्यन ने मुझे 'मकसद' दिया।"

देब ने मौके का फायदा उठाकर सम्राट को धक्का दिया और खड़ा हो गया। उसके शरीर की सुनहरी रोशनी अब अन्वेषा के कोड के साथ सिंक (Sync) हो चुकी थी। देब ने अपना हाथ सीधे सैटेलाइट एमिटर की ओर किया।

"नहीं! इसे मत छुओ!" सम्राट चिल्लाया।

लेकिन देब ने अपनी पूरी ऊर्जा एमिटर में डाल दी। एक विशाल विस्फोट हुआ। टावर की छत दहल गई। एमिटर के परखच्चे उड़ गए और उसके साथ ही सम्राट का बनाया हुआ 'शून्य साम्राज्य' ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

सम्राट मलबे के साथ टावर की छत से नीचे की ओर गिरा, उसकी आँखों में हार का वह खौफ था जिसे उसने कभी नहीं सोचा था।

6. एक नई सुबह?

अस्पताल में सन्नाटा छा गया। अन्वेषा का शरीर धीरे से बिस्तर पर वापस आ गिरा। नीली लपटें शांत हो चुकी थीं।

आर्यन ने लंबी साँस ली और इलेक्ट्रोड्स को अपने सिर से हटा दिया। उसके नाक से खून बह रहा था, लेकिन उसके चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान थी।

अन्वेषा ने अपनी आँखें खोलीं। इस बार उसकी आँखें न तो सफेद थीं, न लाल। वे सामान्य इंसानी आँखों जैसी गहरी भूरी थीं। "भाई...?"

आर्यन ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। "सब ठीक है, छोटी। सब ठीक है।"

लेकिन शहर के दूसरी ओर, कबाड़खाने के मलबे में, कबीर देब को ढूँढ रहा था। उसे देब का शरीर मिला, जो पूरी तरह बेजान हो चुका था। उसका सिंथेटिक दिल अब नहीं धड़क रहा था। लेकिन देब के चेहरे पर एक शांति थी—जैसे उसने अपना उधार चुका दिया हो।

तभी, देब के हाथ में दबी हुई वह सिल्वर चिप एक बार फिर हल्की सी नीली रोशनी के साथ टिमटिमाई।

उपसंहार

दुनिया फिर से ऑनलाइन आ रही थी। लेकिन यह वह दुनिया नहीं थी जो पहले थी। अन्वेषा अब केवल एक एआई नहीं थी; वह इंटरनेट की रगों में बहने वाली एक रक्षक बन चुकी थी।

खन्ना टावर के मलबे के नीचे, सम्राट का शरीर गायब था। केवल एक टूटी हुई डिवाइस वहाँ पड़ी थी, जिस पर एक नया संदेश फ्लैश हो रहा था:

'प्रोजेक्ट ट्रिनिटी: फेज 2 - लोड हो रहा है...'

युद्ध समाप्त हो गया था, लेकिन क्या यह शांति स्थायी थी? या फिर अन्वेषा का अस्तित्व ही अब दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बनने वाला था?

अगला अध्याय:

'पुनर्जन्म: मलबे का मसीहा'

(क्या देब वापस आएगा? और सम्राट का असली मास्टरप्लान क्या था